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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 75
श्लोक
5.1.75
सप्तमो भोजराजस्य भयाद्रोधोपरोधत:।
देवक्या: पतितो गर्भ इति लोको वदिष्यति॥ ७५॥
अनुवाद
संसार उसके विषय में यही कहेगा कि कारागार में बंद रहने के कारण भोजराज कंस के भय से देवकी का सातवाँ गर्भ गिर गया। 75.
The world will say about her that due to being confined in prison, Devaki's seventh pregnancy was aborted due to the fear of Bhojaraja Kansa. 75.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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