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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 73
श्लोक
5.1.73
हतेषु तेषु कंसेन शेषाख्योंऽशस्सतो मम।
अंशांशेनोदरे तस्यास्सप्तम: सम्भविष्यति॥ ७३॥
अनुवाद
जब कंस उन सब को मार डालेगा, तब शेष नामक मेरा अंश अपने अंश सहित देवकी के सातवें गर्भ में स्थापित होगा। 73.
When all of them are killed by Kansa, my part called Shesh will be placed in the seventh womb of Devaki with its fraction. 73.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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