श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  5.1.66 
अदृश्याय ततस्तस्मै प्रणिपत्य महामुने।
मेरुपृष्ठं सुरा जग्मुरवतेरुश्च भूतले॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
हे महर्षि! भगवान के अदृश्य हो जाने पर, उन्हें प्रणाम करके देवतागण सुमेरु पर्वत पर गए और फिर पृथ्वी पर अवतरित हुए ॥66॥
 
Oh great sage! After God became invisible, after paying obeisance to him, the gods went to Mount Sumeru and then incarnated on earth. 66॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)