श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  5.1.65 
अवतीर्य च तत्रायं कंसं घातयिता भुवि।
कालनेमिं समुद्भूतमित्युक्त्वान्तर्दधे हरि:॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
और इस प्रकार यहाँ अवतार लेकर यह कालनेमि अवतार कंस का वध करेगा।’ ऐसा कहकर श्रीहरि अन्तर्धान हो गए॥65॥
 
And thus, taking incarnation here, this incarnation of Kalanemi will kill Kamsa.' Having said this, Sri Hari disappeared.॥ 65॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)