श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  5.1.62 
सुराश्च सकलास्स्वांशैरवतीर्य महीतले।
कुर्वन्तु युद्धमुन्मत्तै: पूर्वोत्पन्नैर्महासुरै:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
सभी देवताओं को अपने-अपने अवतारों में पृथ्वी पर अवतार लेना होगा और उनसे पहले पैदा हुए उन्मत्त राक्षसों से युद्ध करना होगा। 62.
 
All the gods, in their respective incarnations, must incarnate on Earth and fight with the maddened demons who were born before them. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)