श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  5.1.61 
उवाच च सुरानेतौ मत्केशौ वसुधातले।
अवतीर्य भुवो भारक्लेशहानिं करिष्यत:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
और उन्होंने देवताओं से कहा, 'मेरे ये दो बाल पृथ्वी पर अवतार लेंगे और पृथ्वी का भार दूर करेंगे।'
 
And he said to the gods, 'These two hairs of mine will incarnate on Earth and remove the burden of the Earth. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)