श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  5.1.38 
इतिहासपुराणे च तथा व्याकरणं प्रभो।
मीमांसा न्यायशास्त्रं च धर्मशास्त्राण्यधोक्षज॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
हे भगवान! हे अधोक्षज! इतिहास, पुराण, व्याकरण, मीमांसा, न्याय और धर्मशास्त्र- ये सब भी आप ही हैं। 38.
 
O Lord! O Adhokshaj! History, Puranas, Grammar, Mimansa, Nyaya and Dharmashastra - all these are also you. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)