श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  5.1.30 
ब्रह्मोवाच
यथाह वसुधा सर्वं सत्यमेव दिवौकस:।
अहं भवो भवन्तश्च सर्वे नारायणात्मका:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी बोले, "हे देवताओं! पृथ्वी ने जो कुछ कहा है, वह सर्वथा सत्य है। वास्तव में आप, मैं, शंकर तथा आप सभी भगवान नारायण के ही अवतार हैं।"
 
Brahma said, 'O Gods! Whatever the Earth has said is absolutely true. In reality, you, I, Shankar and all of you are the incarnation of Lord Narayana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)