श्री विष्णु पुराण  »  अंश 5: पंचम अंश  »  अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.1.3 
चकार यानि कर्माणि भगवान‍्पुरुषोत्तम:।
अंशांशेनावतीर्योर्व्यां तत्र तानि मुने वद॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे ऋषिवर! कृपया मुझसे उन सभी कर्मों का वर्णन कीजिए जो भगवान पुरुषोत्तम ने पृथ्वी पर अपने अंश से अवतार लेकर किए थे॥3॥
 
O sage! Please describe to me all the deeds that Lord Purushottama performed after incarnating on earth with a part of himself. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)