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श्री विष्णु पुराण
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अंश 5: पंचम अंश
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अध्याय 1: वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान् का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम
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श्लोक 12
श्लोक
5.1.12
एतस्मिन्नेव काले तु भूरिभारावपीडिता।
जगाम धरणी मेरौ समाजं त्रिदिवौकसाम्॥ १२॥
अनुवाद
उसी समय अत्यन्त भार से पीड़ित होकर पृथ्वी (गाय का रूप धारण करके) देवताओं के समूह के साथ सुमेरु पर्वत पर चली गई॥12॥
At the same time, suffering from extreme weight, the earth [taking the form of a cow] went to the Sumeru mountain with the group of gods. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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