श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 7: जह्नुका गंगापान तथा जमदग्नि और विश्वामित्रकी उत्पत्ति  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.7.8 
तस्याप्यजकस्ततो बलाकाश्वस्तस्मात्कुशस्तस्यापि कुशाम्बकुशनाभाधूर्त्तरजसो वसुश्चेति चत्वार: पुत्रा बभूवु:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
सुमन्तु के अजक नाम के चार पुत्र थे, अजक के बलकाश्व थे, बालकश्व के कुश थे और कुश के कुशम्बा, कुशनाभ, अधुर्तराज और वसु नामक चार पुत्र थे।
 
Sumantu had four sons named Ajaka, Ajaka had Balakashva, Balakashva had Kusha and Kusha had four sons named Kushamba, Kushanaabha, Adhurttaraja and Vasu.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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