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श्लोक 4.7.39  |
| तेषां च बहूनि कौशिकगोत्राणि ऋष्यन्तरेषु विवाह्यान्यभवन्॥ ३९॥ |
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| अनुवाद |
| उनसे अनेक कौशिक गोत्र के पुत्र और पौत्र उत्पन्न हुए, जो अन्य ऋषि वंशों में विवाह करने के योग्य थे ॥39॥ |
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| From him many Kaushik gotra sons and grandsons were born who were eligible to marry into other Rishi lineages. 39॥ |
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| इति श्रीविष्णुपुराणे चतुर्थेंऽशे सप्तमोऽध्याय:॥ ७॥ |
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