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vishnu 4.7.15: हालाँकि, महर्षि ऋचीक ने उन्हें अश्वतीर्थ से उत्पन्न एक हजार घोड़े दिए, जिन्हें उन्होंने वरुण से लिया था।   |   vishnu अध्याय 4.7: जह्नुका गंगापान तथा जमदग्नि और विश्वामित्रकी उत्पत्ति   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 7: जह्नुका गंगापान तथा जमदग्नि और विश्वामित्रकी उत्पत्ति  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.7.15 
तेनाप्यृषिणा वरुणसकाशादुपलभ्याश्वतीर्थोत्पन्नं तादृशमश्वसहस्रं दत्तम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हालाँकि, महर्षि ऋचीक ने उन्हें अश्वतीर्थ से उत्पन्न एक हजार घोड़े दिए, जिन्हें उन्होंने वरुण से लिया था।
 
However, Maharishi Richika gave him a thousand horses born from Ashvatirtha, which he took from Varuna. 15.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)