श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 7: जह्नुका गंगापान तथा जमदग्नि और विश्वामित्रकी उत्पत्ति  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.7.1 
श्रीपराशर उवाच
तस्याप्यायुर्धीमानमावसुर्विश्वावसु: श्रुतायुश्शतायुरयुतायुरितिसंज्ञा: षट् पुत्रा अभवन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्री पाराशरजी ने कहा- परम बुद्धिमान राजा पुरुरवा के आयु, अमावसु, विश्वावसु, श्रुतायु, शतायु और अयुतायु नामक छह पुत्र थे। 1॥
 
Shri Parasharji said – King Pururva, the most intelligent, had six sons named Ayu, Amavasu, Vishvavasu, Shrutayu, Shatayu and Ayutayu. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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