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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 6: सोमवंशका वर्णन; चन्द्रमा, बुध और पुरूरवाका चरित्र
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श्लोक 94
श्लोक
4.6.94
एकोऽग्निरादावभवत् एकेन त्वत्र मन्वन्तरे त्रेधा प्रवर्तिता:॥ ९४॥
अनुवाद
पूर्वकाल में एक ही अग्नि थी। उसी एक अग्नि से इस मन्वन्तर में तीन प्रकार की अग्नियाँ उत्पन्न हुईं ॥94॥
In the past there was only one fire. From that one fire, three kinds of fires originated in this Manvantar. ॥94॥
इति श्रीविष्णुपुराणे चतुर्थेंऽशे षष्ठोऽध्याय:॥ ६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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