श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 6: सोमवंशका वर्णन; चन्द्रमा, बुध और पुरूरवाका चरित्र  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  4.6.5 
अखिलजगत्स्रष्टुर्भगवतो नारायणस्य नाभिसरोजसमुद्भवाब्जयोनेर्ब्रह्मण: पुत्रोऽत्रि:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी के पुत्र अत्रि प्रजापति सम्पूर्ण जगत के रचयिता भगवान नारायण के नाभि-कमल से उत्पन्न हुए थे॥5॥
 
Atri Prajapati, the son of Lord Brahma, was born from the navel-lotus of Lord Narayana, the creator of the entire world. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)