| श्री विष्णु पुराण » अंश 4: चतुर्थ अंश » अध्याय 6: सोमवंशका वर्णन; चन्द्रमा, बुध और पुरूरवाका चरित्र » श्लोक 12 |
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| | | | श्लोक 4.6.12  | | तस्य चन्द्रस्य च बृहस्पतेर्द्वेषादुशना पार्ष्णिग्राहोऽभूत्॥ १२॥ अङ्गिरसश्च सकाशादुपलब्धविद्यो भगवान्रूद्रो बृहस्पते: साहाय्यमकरोत्॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | बृहस्पति से शत्रुता के कारण शुक्र भी चन्द्रमा के सहायक बन गये और अंगिरा से ज्ञान प्राप्त करने के कारण भगवान रूद्र ने बृहस्पति की सहायता की [क्योंकि बृहस्पति अंगिरा के पुत्र हैं]॥ 12-13॥ | | | | Due to his enmity towards Brihaspati, Shukra also became Chandrama's helper and due to gaining knowledge from Angira, Lord Rudra helped Brihaspati [because Brihaspati is Angira's son].॥ 12-13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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