श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.3.9 
रसातलगतश्चासौ भगवत्तेजसाप्यायितात्मवीर्यस्सकलगन्धर्वान‍्निजघान॥ ९॥ पुनश्च स्वपुरमाजगाम॥ १०॥
 
 
अनुवाद
पाताल लोक में पहुँचकर भगवान् के तेज से बढ़े हुए अपने शारीरिक बल से पुरुकुत्स ने समस्त गन्धर्वों को मार डाला और फिर अपने नगर को लौट गया॥9-10॥
 
On reaching the underworld, Purukutsa, with his bodily strength increased by the radiance of the Lord, killed all the Gandharvas and then returned to his city.॥ 9-10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)