श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.3.6 
आह च भगवाननादिनिधनपुरुषोत्तमो योऽसौ यौवनाश्वस्य मान्धातु: पुरुकुत्सनामा पुत्रस्तमहमनुप्रविश्य तानशेषान् दुष्टगन्धर्वानुपशमं नयिष्यामीति॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तब आदि भगवान् पुरुषोत्तम ने कहा, "युवनाश्व के पुत्र मान्धाता के पुत्र इस पुरुकुत्स में प्रवेश करके मैं उन समस्त दुष्ट गन्धर्वों का नाश करूँगा।" ॥6॥
 
Then the beginningless Lord Purushottama said, "Entering this Purukutsa, the son of Mandhata, the son of Yuvanashva, I will destroy all those evil Gandharvas." ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)