श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  4.3.40 
ततश्च पितृराज्यापहरणादमर्षितो हैहयतालजङ्घादिवधाय प्रतिज्ञामकरोत्॥ ४०॥ प्रायशश्च हैहयतालजङ्घाञ्जघान॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तब अपने पिता का त्याग सहन न कर पाने के कारण उसने हैहय और तालजंघ आदि समस्त क्षत्रियों का वध करने की प्रतिज्ञा की और हैहय तथा तालजंघ वंश के प्रायः सभी राजाओं का नाश कर दिया ॥40-41॥
 
Then, unable to tolerate his father's abdication, he vowed to kill all the Kshatriyas like Haihaya and Talajangha, and destroyed almost all the kings of the Haiha and Talajangha dynasty. ॥40-41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)