Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.3.32: हे साध्वी! इस व्यर्थ भ्रम को त्याग दो। तुम्हारे उदर में चक्रवर्ती राजा, सम्पूर्ण पृथ्वी का स्वामी, अत्यंत बलवान और साहसी, अनेक यज्ञों को करने वाला और शत्रुओं का नाश करने वाला है। 32॥ | vishnu अध्याय 4.3: मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे साध्वी! इस व्यर्थ भ्रम को त्याग दो। तुम्हारे उदर में चक्रवर्ती राजा, सम्पूर्ण पृथ्वी का स्वामी, अत्यंत बलवान और साहसी, अनेक यज्ञों को करने वाला और शत्रुओं का नाश करने वाला है। 32॥
Hey Sadhvi! Leave this useless misconception. In your stomach is the Chakravarti King, the master of the entire earth, extremely powerful and courageous, the one who performs many yagyas and the destroyer of enemies. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥