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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार
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श्लोक 55
श्लोक
4.24.55
तेषूत्सन्नेषु कैङ्किला यवना भूपतयो भविष्यन्त्यमूर्द्धाभिषिक्ता:॥ ५५॥
अनुवाद
उनके नाश होने पर कैंकिल नामक एक यवन बिना अभिषेक के राजा बनेगा ॥55॥
After their destruction, a Yavan named Kainkil will become the king without anointment. ॥ 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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