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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार
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श्लोक 43
श्लोक
4.24.43
सुशर्माणं तु काण्वं तद्भृत्योबलिपुच्छकनामा हत्वान्ध्रजातीयो वसुधां भोक्ष्यति॥ ४३॥
अनुवाद
कण्ववंशी सुशर्मा को मारकर उसका बलिपुच्छक नामक आन्ध्र जाति का सेवक स्वयं पृथ्वी का उपभोग करेगा ॥43॥
After killing Susharma of Kanva dynasty, his Andhra caste servant named Balipuchchak will himself enjoy the earth. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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