श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  4.24.25 
महापद्मपुत्राश्चैकं वर्षशतमवनीपतयो भविष्यन्ति॥ २५॥ ततश्च नव चैतान्नन्दान् कौटिल्यो ब्राह्मणस्समुद्धरिष्यति॥ २६॥ तेषामभावे मौर्या: पृथिवीं भोक्ष्यन्ति॥ २७॥ कौटिल्य एव चन्द्रगुप्तमुत्पन्नं राज्येऽभिषेक्ष्यति॥ २८॥
 
 
अनुवाद
महापद्म और उसके पुत्र सौ वर्षों तक पृथ्वी पर राज्य करेंगे। तत्पश्चात् कौटिल्य नामक ब्राह्मण इन नौ नन्दों का विनाश करेगा, और इनके अन्त के पश्चात मौर्य नृपति पृथ्वी का उपभोग करेंगे। कौटिल्य ही चन्द्रगुप्त का अभिषेक करेगा, जो नन्दद्वार में मुरा नामक दासी से उत्पन्न हुआ था। 25-28॥
 
Mahapadma and her sons will rule the earth for a hundred years. Thereafter, these nine Nandas will be destroyed by a Brahmin named Kautilya, after their end the Maurya Nrupatis will enjoy the earth. Only Kautilya will anoint Chandragupta, who was born to Nanddwara from a maid named Mura. 25-28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)