श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  4.24.20 
महानन्दिनस्ततश्शूद्रागर्भोद्भवोऽतिलुब्धोऽतिबलो महापद्मनामा नन्द: परशुराम इवापरोऽखिलक्षत्रान्तकारी भविष्यति॥ २०॥ तत: प्रभृति शूद्रा भूपाला भविष्यन्ति॥ २१॥ स चैकच्छत्रामनुल्लङ्घितशासनो महापद्म: पृथिवीं भोक्ष्यते॥ २२॥ तस्याप्यष्टौ सुतास्सुमाल्याद्या भवितार:॥ २३॥ तस्य महापद्मस्यानु पृथिवीं भोक्ष्यन्ति॥ २४॥
 
 
अनुवाद
महानंदी की शूद्रा के गर्भ से उत्पन्न महापद्म नामक नंद, दूसरे परशुराम के समान समस्त क्षत्रियों का संहारक होगा। उसके बाद शूद्र वर्ण के राजा राज्य करेंगे। राजा महापद्म सम्पूर्ण पृथ्वी पर पूर्ण एवं अखण्ड शासन करेंगे। उनके सुमाली आदि आठ पुत्र होंगे, जो महापद्म के बाद पृथ्वी का राज्य भोगेंगे। 20-24॥
 
Nanda named Mahapadma, born from the womb of Shudra of Mahanandi, will be the destroyer of all the Kshatriyas like the second Parashurama. From then onwards Shudra caste kings will rule. King Mahapadma will rule the entire earth with complete and unbroken rule. He will have eight sons like Sumali etc. who will enjoy the kingdom of Earth after Mahapadma. 20-24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)