Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.24.136: मुझे उन राजाओं पर हंसी आती है जो अपने शत्रुओं के पास दूत भेजकर कहते हैं, ‘यह पृथ्वी मेरी है, तुम सब इसे तुरंत छोड़ दो।’ और फिर मुझे उन मूर्खों पर दया आती है। | vishnu अध्याय 4.24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पृथ्वी ममैषाशु परित्यजैनां
वदन्ति ये दूतमुखैस्स्वशत्रून्।
नराधिपास्तेषु ममातिहास:
पुनश्च मूढेषु दयाभ्युपैति॥ १३६॥
अनुवाद
मुझे उन राजाओं पर हंसी आती है जो अपने शत्रुओं के पास दूत भेजकर कहते हैं, ‘यह पृथ्वी मेरी है, तुम सब इसे तुरंत छोड़ दो।’ और फिर मुझे उन मूर्खों पर दया आती है।
I laugh at those kings who send their messengers to their enemies and say, 'This earth is mine, you all should leave it immediately.' And then I feel pity for those fools.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥