श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 134
 
 
श्लोक  4.24.134 
पृथ्वी ममेयं सकला ममैषा
मदन्वयस्यापि च शाश्वतीयम्।
यो यो मृतो ह्यत्र बभूव राजा
कुबुद्धिरासीदिति तस्य तस्य॥ १३४॥
 
 
अनुवाद
यहाँ जितने भी राजा हुए हैं, उन सबका यह कुविचार रहा है कि यह सारी पृथ्वी मेरी है और मेरे बाद यह सदैव मेरी ही सन्तान की रहेगी ॥134॥
 
All the kings who have been here have had the evil idea that this whole earth is mine and after me it will always belong to my progeny. ॥ 134॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)