Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.24.128: पृथ्वी कहती है - हे प्रभु! इन राजाओं में कैसी आसक्ति है कि इतने बुद्धिमान होते हुए भी, बुलबुले के समान क्षणभंगुर होते हुए भी इन्हें अपनी स्थिरता पर इतना विश्वास है॥128॥ | vishnu अध्याय 4.24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पृथ्वी कहती है - हे प्रभु! इन राजाओं में कैसी आसक्ति है कि इतने बुद्धिमान होते हुए भी, बुलबुले के समान क्षणभंगुर होते हुए भी इन्हें अपनी स्थिरता पर इतना विश्वास है॥128॥
The Earth says - Oh! What kind of attachment do these kings have that in spite of being so intelligent, they have so much faith in their stability despite being as fleeting as a bubble.॥ 128॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥