श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  4.24.116 
ब्राह्मणा: क्षत्रिया वैश्याश्शूद्राश्च द्विजसत्तम।
युगे युगे महात्मान: समतीतास्सहस्रश:॥ ११६॥
 
 
अनुवाद
हे द्विजश्रेष्ठ! प्रत्येक युग में हजारों ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र महात्मा हुए हैं ॥116॥
 
O best of the two! In every era thousands of Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas and Shudras have become Mahatmas. 116॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)