श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 24: कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  4.24.102 
अत्रोच्यते
यदा चन्द्रश्च सूर्यश्च तथा तिष्यो बृहस्पति:।
एकराशौ समेष्यन्ति तदा भवति वै कृतम्॥ १०२॥
 
 
अनुवाद
इस विषय में कहा गया है कि जब पुष्य नक्षत्र में स्थित चन्द्रमा, सूर्य और बृहस्पति एक राशि में एकत्रित होते हैं, उसी समय सत्ययुग का आरंभ होता है।*॥102॥
 
In this regard it is said that when the Moon, Sun and Jupiter, situated in the Pushya Nakshatra, come together in one zodiac sign, at that very moment the Satya-yuga will commence.*॥102॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)