श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 23: मगधवंशका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.23.6 
तस्यापि क्षेम्यस्ततश्च सुव्रतस्सुव्रताद्धर्मस्ततस्सुश्रवा:॥ ६॥ ततो दृढसेन:॥ ७॥ तस्मात्सुबल:॥ ८॥ सुबलात्सुनीतो भविता॥ ९॥ ततस्सत्यजित्॥ १०॥ तस्माद्विश्वजित्॥ ११॥ तस्यापि रिपुञ्जय:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
शुचि का क्षेम्या, क्षेम्या का सुव्रत, सुव्रत का धर्म, धर्म का सुश्रवा, सुश्रवा का धरसेना, धरसेना का सुबल, सुबल का सुनीत, सुनीत का सत्यजीत, सत्यजीत का विश्वजीत और विश्वजीत का रिपुंजय। 6-12॥
 
Shuchi's Kshemya, Kshemya's Suvrata, Suvrata's Dharma, Dharma's Susrava, Susrava's Dharasena, Dharasena's Subal, Subal's Suneet, Suneet's Satyajit, Satyajit's Vishvajit and Vishvajit's Ripunjaya. 6-12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)