|
| |
| |
श्लोक 4.22.13  |
इक्ष्वाकूणामयं वंशस्सुमित्रान्तो भविष्यति।
यतस्तं प्राप्य राजानं संस्थां प्राप्स्यति वै कलौ॥ १३॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| यह इक्ष्वाकुवंश राजा सुमित्र तक चलता रहेगा, क्योंकि कलियुग में जब राजा सुमित्र उत्पन्न होंगे, तब इसका पुनः नाश हो जाएगा।॥13॥ |
| |
| This Ikshvaku dynasty will continue till king Sumitra, because in the Kaliyuga, when king Sumitra is born, it will again be destroyed.'॥ 13॥ |
| |
| इति श्रीविष्णुपुराणे चतुर्थेंऽशे द्वाविंशोऽध्याय:॥ २२॥ |
| |
| ✨ ai-generated |
| |
|