श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 22: भविष्यमें होनेवाले इक्ष्वाकुवंशीय राजाओंका वर्णन  » 
 
 
 
श्लोक 1:  श्री पराशर बोले, 'अब मैं इक्ष्वाकु वंश के भावी राजाओं का वर्णन करूंगा।' 1.
 
श्लोक 2:  बृहदबल के पुत्र होंगे बृहत्क्षण, उनके उरुक्षय, उरुक्षयका वात्सव्यूह, वत्सव्यूहक प्रतिव्योम, प्रतिव्योमक दिवाकर, दिवाकरक सहदेव, सहदेवक बृहदश्व, बृहदाश्वक भानुरथ, भानुरथक प्रतीताश्व, प्रतीताश्वक सुप्रतीक, सुप्रतिक मरुदेव, मरुदेवक सूर्यक्षत्र, सुनक्षत्रक किन्नर, किन्नरक अंतरिक्ष, अंतरिक्ष सुपर्णा, सुपर्णक अमितराजित, अमित्राजितक बृहद्रज, बृहद्रजक धर्मी, धार्मिक कृतंजय, कृतंजयका रणंजय, रणंजयका संजय, संजयक शाक्य, शाक्य शुद्धोदन, शुद्धोदनक राहुल, राहुलक प्रसेनजित, प्रसेनजितक क्षुद्रक, क्षुद्रकाका कुंडक, कुंडक सुरथ और सुरथका सुमित्र। एक पुत्र होगा। वे सभी इक्ष्वाकु के वंश में बृहद्बल की संतान होंगे। 2-11.
 
श्लोक 12:  इस वंश के सम्बन्ध में यह श्लोक प्रसिद्ध है- ॥12॥
 
श्लोक 13:  यह इक्ष्वाकुवंश राजा सुमित्र तक चलता रहेगा, क्योंकि कलियुग में जब राजा सुमित्र उत्पन्न होंगे, तब इसका पुनः नाश हो जाएगा।॥13॥
 
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas