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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 20: कुरुके वंशका वर्णन
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श्लोक 51
श्लोक
4.20.51
सुभद्रायां चार्भकत्वेऽपि योऽसावतिबलपराक्रमस्समस्तारातिरथजेता सोऽभिमन्युरजायत॥ ५१॥
अनुवाद
और सुभद्रा से अभिमन्यु उत्पन्न हुआ जो बचपन में ही बड़ा बलवान और पराक्रमी था तथा अपने समस्त शत्रुओं को जीतने में समर्थ था ॥ 51॥
And from Subhadra was born Abhimanyu who was very powerful and valorous even in his childhood and was capable of conquering all his enemies. ॥ 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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