Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.20.38: तत्पश्चात् मेरे पुत्र कृष्णद्वैपायन ने सत्यवती को नियुक्त करके अपनी माता की आज्ञा का उल्लंघन करना अनुचित समझा और विचित्रवीर्य की पत्नियों से धृतराष्ट्र और पाण्डु नाम के दो पुत्र उत्पन्न किये, तथा उनके द्वारा भेजी हुई दासी से विदुर नाम का एक पुत्र उत्पन्न किया। | vishnu अध्याय 4.20: कुरुके वंशका वर्णन । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् मेरे पुत्र कृष्णद्वैपायन ने सत्यवती को नियुक्त करके अपनी माता की आज्ञा का उल्लंघन करना अनुचित समझा और विचित्रवीर्य की पत्नियों से धृतराष्ट्र और पाण्डु नाम के दो पुत्र उत्पन्न किये, तथा उनके द्वारा भेजी हुई दासी से विदुर नाम का एक पुत्र उत्पन्न किया।
Thereafter my son Krishna-Dwaipayana, thinking it inappropriate to disobey his mother's word by appointing Satyavati, begot two sons named Dhritarashtra and Pandu from the wives of Vichitravirya and a son named Vidur from the maidservant sent by him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥