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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 20: कुरुके वंशका वर्णन
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श्लोक 33
श्लोक
4.20.33
शान्तनोरप्यमरनद्यां जाह्नव्यामुदारकीर्तिरशेषशास्त्रार्थविद्भीष्म: पुत्रोऽभूत्॥ ३३॥
अनुवाद
शान्तनु को गंगाजी से भीष्म नाम का पुत्र हुआ जो महान् कीर्तिवान और समस्त शास्त्रों का ज्ञाता था ॥33॥
Shantanu had a son named Bhishma from Gangaji who had great records and knew all the scriptures. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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