Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
vishnu 4.20.30: वेदवाद के विरुद्ध वचन बोलने के कारण देवापि का पतन हो जाने से पर्जन्यदेव (बादल) बड़े भाई के होते हुए भी समस्त अन्नों की उत्पत्ति के लिए वर्षा करने लगे ॥30॥   |   vishnu अध्याय 4.20: कुरुके वंशका वर्णन   ।   vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश   ।   श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 20: कुरुके वंशका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  4.20.30 
वेदवादविरोधवचनोच्चारणदूषिते च तस्मिन्देवापौ तिष्ठत्यपि ज्येष्ठभ्रातर्यखिलसस्यनिष्पत्तये ववर्ष भगवान‍्पर्जन्य:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वेदवाद के विरुद्ध वचन बोलने के कारण देवापि का पतन हो जाने से पर्जन्यदेव (बादल) बड़े भाई के होते हुए भी समस्त अन्नों की उत्पत्ति के लिए वर्षा करने लगे ॥30॥
 
Due to Devapi's downfall due to speaking words against Vedism, Parjanyadev (clouds) started raining for the production of all the grains despite the existence of elder brother. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)