श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  4.2.88 
प्रवेश्य च तमृषिमन्त:पुरे वर्षवरस्ता: कन्या: प्राह॥ ८८॥
 
 
अनुवाद
उन महामुनि को अन्तःपुर में ले जाकर अन्तःपुर के रक्षक ने उन कन्याओं से कहा-॥88॥
 
Taking that great sage to the inner palace, the guardian of the inner palace said to those girls -॥ 88॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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