Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 vishnu 4.2.72: और वह भी अपने बच्चों के कोमल स्पर्श से अत्यंत प्रसन्न होकर, अपने पुत्रों, पौत्रों और पौत्रियों के साथ ऋषि के सामने दिन-रात खेलता रहता था। | vishnu अध्याय 4.2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र । vishnu अंश 4: चतुर्थ अंश । श्री विष्णु पुराण Sri Vishnu Puran | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स चापत्यस्पर्शोपचीयमानप्रहर्षप्रकर्षो बहुप्रकारं तस्य ऋषे: पश्यतस्तैरात्मजपुत्रपौत्रदौहित्रादिभि: सहानुदिनं सुतरां रेमे॥ ७२॥
अनुवाद
और वह भी अपने बच्चों के कोमल स्पर्श से अत्यंत प्रसन्न होकर, अपने पुत्रों, पौत्रों और पौत्रियों के साथ ऋषि के सामने दिन-रात खेलता रहता था।
And he too, filled with great joy at the gentle touch of his children, used to play day and night with his sons, grandsons and granddaughters in front of the sage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥