श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.2.15 
स चेक्ष्वाकुरष्टकायाश्श्राद्धमुत्पाद्य श्राद्धार्हं मांसमानयेति विकुक्षिमाज्ञापयामास॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अष्टकाश्रद्ध आरंभ करने के बाद इक्ष्वाकु ने अपने पुत्र विकुक्षि को श्राद्ध के लिए उपयुक्त मांस लाने का आदेश दिया। 15॥
 
After starting the Ashtakashraddha, Ikshvaku ordered his son Vikukshi to bring meat suitable for the Shraddha. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)