vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 4: चतुर्थ अंश
»
अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र
»
श्लोक 15
श्लोक
4.2.15
स चेक्ष्वाकुरष्टकायाश्श्राद्धमुत्पाद्य श्राद्धार्हं मांसमानयेति विकुक्षिमाज्ञापयामास॥ १५॥
अनुवाद
अष्टकाश्रद्ध आरंभ करने के बाद इक्ष्वाकु ने अपने पुत्र विकुक्षि को श्राद्ध के लिए उपयुक्त मांस लाने का आदेश दिया। 15॥
After starting the Ashtakashraddha, Ikshvaku ordered his son Vikukshi to bring meat suitable for the Shraddha. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×