श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 2: इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरिचरित्र  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  4.2.106 
त्वत्प्रसादादिदमशेषमतिशोभनम्॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि आपकी कृपा से सब कुछ शुभ है। 106।
 
Although by your grace everything is auspicious. 106.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)