vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 4: चतुर्थ अंश
»
अध्याय 19: पुरुवंश
»
श्लोक 81
श्लोक
4.19.81
बृहद्रथप्रत्यग्रकुशाम्बुकुचेलमात्स्यप्रमुखा वसो: पुत्रास्सप्ताजायन्त॥ ८१॥
अनुवाद
वासुके के बृहद्रथ, प्रत्याग्र, कुशंबु, कुचेल और मत्स्य जैसे सात पुत्र थे। 81॥
Vasuke had seven sons like Brihadratha, Pratyagra, Kushambu, Kuchel and Matsya. 81॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×