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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 19: पुरुवंश
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श्लोक 75
श्लोक
4.19.75
तस्य संवरण:॥ ७५॥ संवरणात्कुरु:॥ ७६॥ य इदं धर्मक्षेत्रं कुरुक्षेत्रं चकार॥ ७७॥
अनुवाद
उसका पुत्र संवरण हुआ और संवरण का पुत्र कुरु हुआ जिसने धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की स्थापना की ॥ 75-77॥
His son was Samvarana and Samvarana's son was Kuru who established the Dharmakshetra (place of religion), Kurukshetra.॥ 75-77॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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