श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 19: पुरुवंश  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  4.19.18 
मूढे भर द्वाजमिमं भर द्वाजं बृहस्पते।
यातौ यदुक्त्वा पितरौ भरद्वाजस्ततस्त्वयम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
"पुत्र के जन्म के पश्चात बृहस्पति ने ममता से कहा- 'हे मूर्ख! यह पुत्र द्वाज (हम दोनों से उत्पन्न) है, अतः तुम इसका पालन करो।' तब ममता ने भी कहा- 'हे बृहस्पति! यह पुत्र द्वाज (हम दोनों से उत्पन्न) है, अतः तुम इसका पालन करो।' इस प्रकार आपस में विवाद करते हुए उसके माता-पिता चले गए। इसलिए उसका नाम 'भारद्वाज' पड़ा॥18॥
 
"After the birth of the son, Brihaspati said to Mamta-'O fool! This son is Dwaja (born of both of us), so you should take care of him.' Then Mamta also said-'O Brihaspati! This son is Dwaja (born of both of us), so you should take care of him.' Thus arguing with each other, his parents left. Therefore, he was named 'Bharadwaj'.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)