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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 19: पुरुवंश
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श्लोक 10
श्लोक
4.19.10
दुष्यन्ताच्चक्रवर्ती भरतोऽभूत्॥ १०॥ यन्नामहेतुर्देवैश्लोको गीयते॥ ११॥
अनुवाद
दुष्यंत के घर चक्रवर्ती सम्राट भरत उत्पन्न हुए, जिनके नाम पर देवताओं ने यह श्लोक गाया है - 10-11॥
Chakravarti Emperor Bharat was born in Dushyant's house, about whose name the gods had sung this verse - 10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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