श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 95
 
 
श्लोक  4.13.95 
कृष्णोऽपि बलभद्रमाह॥ ९५॥
 
 
अनुवाद
उस समय श्रीकृष्णचन्द्र ने बलभद्रजी से कहा-॥ 95॥
 
At that time Shri Krishna Chandra said to Balabhadra ji -॥ 95॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)