श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  4.13.92 
शैव्यसुग्रीवमेघपुष्पबलाहकाश्वचतुष्टययुक्तरथस्थितौ बलदेववासुदेवौ तमनुप्रयातौ॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
बलदेव और वसुदेव भी शैव्य, सुग्रीव, मेघपुष्प और बलाहक नामक चार घोड़ों से जुते हुए रथ पर सवार होकर उनके पीछे-पीछे चले ॥92॥
 
And Baladeva and Vasudeva also followed him, riding on a chariot drawn by four horses named Shaivya, Sugreeva, Meghapushpa and Balahak. ॥92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)