vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री विष्णु पुराण
»
अंश 4: चतुर्थ अंश
»
अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा
»
श्लोक 92
श्लोक
4.13.92
शैव्यसुग्रीवमेघपुष्पबलाहकाश्वचतुष्टययुक्तरथस्थितौ बलदेववासुदेवौ तमनुप्रयातौ॥ ९२॥
अनुवाद
बलदेव और वसुदेव भी शैव्य, सुग्रीव, मेघपुष्प और बलाहक नामक चार घोड़ों से जुते हुए रथ पर सवार होकर उनके पीछे-पीछे चले ॥92॥
And Baladeva and Vasudeva also followed him, riding on a chariot drawn by four horses named Shaivya, Sugreeva, Meghapushpa and Balahak. ॥92॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×