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श्री विष्णु पुराण
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अंश 4: चतुर्थ अंश
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अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा
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श्लोक 7
श्लोक
4.13.7
महाभोजस्त्वतिधर्मात्मा तस्यान्वये भोजा मृत्तिकावरपुरनिवासिनो मार्त्तिकावरा बभूवु:॥ ७॥
अनुवाद
महाभोज बड़े धार्मिक पुरुष थे, उनके वंशजों में भोजवंशी मर्तिकवर नृपति तथा मर्तिकवरपुर के निवासी थे ॥7॥
Mahabhoj was a very religious person, among his descendants were Marttikavar Nripati of Bhojvanshi and resident of Mrittikavarpur. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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