श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  4.13.67 
अक्रूरकृतवर्मप्रमुखाश्च शतधन्वानमूचु:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर अक्रूर तथा कृतवर्मा आदि ने शतधन्वा से कहा-॥ 67॥
 
After that Akrura and Kritavarma etc said to Shatdhanvas -॥ 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)