श्री विष्णु पुराण  »  अंश 4: चतुर्थ अंश  »  अध्याय 13: सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  4.13.52 
निर्जितश्च भगवता जाम्बवान‍्प्रणिपत्य व्याजहार॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
अन्त में भगवान् से पराजित होकर जाम्बव ने उन्हें प्रणाम करके कहा-॥52॥
 
At last, after being defeated by Bhagavan, Jambava bowed before him and said – ॥ 52॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)